gautam buddha in hindi! गौतम बुद्ध के बारे में 28 रोचक तथ्य।

नमस्कार hindiwebdunia में आप सभी का बहुत बहुत स्वागत है। आज में आपलोगो को gautam buddha in hindi के बारे में बताने वाला हूँ। सत्य के पाठ पढ़ाने वाले गौतम बुद्ध को कौन नहीं जानता। जिन्हे light of asia कहकर पुकारा गया,जिन्होंने बौद्ध धर्म की स्थापना की आज हम उन्ही के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी बताने वाला हूँ। तो चलिए ज्यादा समय न लेते हुए gautam buddha in hindi को जानते है।

gautam buddha in hindi! गौतम बुद्ध के बारे में 28 रोचक तथ्य।

gautam buddha in hindi! गौतम बुद्ध के बारे में 28 रोचक तथ्य
gautam buddha in hindi

1. गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व लुंबिनी (नेपाल) मे हुआ था! उनके पिता का नाम शुद्धोधन तथा माता का नाम माया था। आपको जानकारी के लिए बता दे गौतम बुद्ध के पिता सिद्धोधन शाक्य गण के मुखिया थे।

2. आपको जानकर बरी दुखी होगा की, गौतम बुद्ध केवल 7 दिनों तक ही अपने माता माया के गोदी में खेल सके थे, क्यूंकि गौतम बुद्ध के जन्म के मात्र 7वे दिन ही गौतम बुद्ध की माता की मौत हो गई थी।

3. जिसके बाद इनका लालन पालन इनके सौतेली माँ प्रजापति गौतमी के द्वारा किया गया था।

4. आपको जानकारी के लिए बता दे, गौतम बुद्ध का बचपन का नाम सिद्धार्थ था।

5. क्या आप जानते है गौतम बुद्ध जब मात्र 16 साल के थे तभी उनके पिता शुद्धोधन उनकी शादी राजकुमारी यशोधरा से करा दी थी।

6.कुछ सालो बाद गौतम बुद्ध की पत्नी एक बेटे को जन्म दि जिसका नाम राहुल रखा गया था।

7. गौतम बुद्ध कभी कभी बाहर घूमने के लिए जाते थे। एक दिन वो कही घूमने जा रहे थे, उसी रास्ते में उन्हें एक वृद्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जो काफी कमजोर लग रहा था। वो वृद्ध व्यक्ति झुक के चल रहा था, यह दृश्य को देख कर गौतम बुद्ध के मन में बहुत सारा ख्याल आने लगा था।

8. थोड़ा सा आगे जाने के बाद गौतम बुद्ध की नजर एक बीमार व्यक्ति पर परा जो दर्द से कर्राह रहा था। यह दृश्य को देखने के बाद गौतम बुद्ध को रोग के बारे में जानकारी मिला।

9. कुछ दूर और जाने पर उन्हें एक शव यात्रा नजर आया जिन्हे लोग कंधे पर ले जा रहे थे। यह नजारा देखने के बाद उन्हें मृत्यु का ज्ञान हुआ, उन्होंने जाना की, जिसका निर्माण हुआ है उसका अंत भी निश्चित है।

10. इस यात्रा को कुछ देर और जारी रखने के बाद उन्हें एक सन्यासी दिखाई दिया, सन्यासी बहुत खुस नजर आ रहा था, मानो उसके अंदर कुछ समस्या ही न हो।

11. इस यात्रा के दौरान गौतम बुद्ध को बहुत कुछ सिखने को मिला। ये सभी दृश्य को देखने के बाद उन्होंने संकल्प लिया की, सभी मोह माया को दरकिनार कर सन्यासी जीवन ग्रहण करेंगे।

12. उसी रात में गौतम बुद्ध अपने पुरे परिवार को छोड़कर सत्य की खोज तथा संसार को दुखो से मुक्त कराने निकल पड़े।

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13. गौतम बुद्ध सत्य तथा शांति के खोज में गया के नजदीक एक जंगल में तपस्या करने चले गए। इस जंगल में गौतम बुद्ध करीब छः सालो तक कठोर तपस्या किये। इस छः सालो के तपस्या के दौरान उनका पूरा सरीर कंकाल के तरह दिखने लगा था, ऐसा लग रहा था शरीर में सिर्फ हड्डी ही बचा है।

14. इसके बाद सुजाता नाम की एक लड़की जिनका हाल ही में एक पुत्र हुआ था, वो महिला अपने पुत्र के लिए वट वृक्ष से मन्नत मांगी हुई थी, जो पूरा होने के खुसी में उस वट वृक्ष पे खीर चढाने आई थी। जब वो महिला वट वृक्ष के नजदीक आई तो गौतम बुद्ध उसी वृक्ष के निचे तपस्या करते हुए नजर आये। गौतम बुद्ध के शरीर को देखते हुए, सुजाता खीर का कटोरा गौतम बुद्ध को दे दी।

15. खीर भेंट करने के बाद सुजाता गौतम बुद्ध से कही जिस तरह मेरी मनोकामना पूरी हो गई उसी तरह आपकी भी साधना सफल हो जायेगी।

16. उसी रात उनकी 6 सालो की कठिन तपस्या सफल हो गई और उन्हें सच्चे ज्ञान की प्राप्ति हो गई। उसी दिन से सिद्धार्थ गौतम बुद्ध कहलाने लगा।

17. आपको जानकारी के लिए बता दे, जिस वृक्ष के निचे गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी उस वृक्ष को लोग बोधिवृक्ष कहकर पुकारने लगे।

18. आपको जानकारी के लिए बता दे, गौतम बुद्ध 80 वर्ष की उम्र तक अपने धर्म का प्रचार किया। वो अपने धर्म का प्रचार संस्कृत के वजाय पाली में किया करते थे।

19. गौतम बुद्ध एक बहुत ही अच्छे व्यक्ति थे, यही कारन है की उन्हें भगवान् का भी दर्जा दिया गया है। उनके द्वारा स्थापित बौद्ध धर्म के अनुआई पूरी दुनिया में है।

20. क्या आप जानते है गौतम बुद्ध को पीपल के पेड़ के निचे ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। इसी को आज लोग बोधिवृक्ष के नाम से जानते है।

21. क्या आप जानते है गौतम बुद्ध केवल 29 वर्ष की आयु में गृह त्याग किये थे। जिसे बौद्ध धर्म में महाभिनिष्क्रमण कहा जाता है।

22. वही गौतम बुद्ध के प्रथम गुरु की बात की जाए तो उनके प्रथम गुरु आलारकलाम थे।

23. गौतम बुद्ध अपना प्रथम उपदेश सारनाथ में दिए थे। जिसे धर्मचक्रप्रवर्तन के रूप में जाना जाता है। यह अपना उपदेश पाली भाषा में दिए थे।

24. गौतम बुद्ध की मृत्यु 80 वर्ष की उम्र में 483 इसा पूर्व कुशीनगर में हुई थी। आपको जानकारी के लिए बता दे, की गौतम बुद्ध की मृत्यु चुन्द द्वारा अर्पित भोजन करने के बाद हुई थी।

25. गौतम बुध की मृत्यु को बौद्ध धर्म में महापरिनिर्वाण के रूप में जाना जाता है।

26. क्या आप जानते है त्रिपिटक बौद्ध धर्म की पवित्र ग्रन्थ है।

27. वही बौद्ध धर्म में सम्मिलित होने के लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष थी।

28. बौद्ध धर्म के त्रिरत्न बुद्ध, धम्म तथा संघ है।

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